– डॉ. राजेन्द्र सिंह सत्तर के दशक की शुरुआत तक कोयला खनन निजी खिलाड़ियों के हाथों में था। चूंकि निजी खिलाड़ियों ने अवैज्ञानिक कोयला खनन प्रथाओं को अपनाया था, इसलिए प्रतिगामी श्रम नीतियों का पालन किया और आर्थिक विकास के लिए सरकार के प्रयासों में भागीदार होने के लिए अनिच्छाContinue Reading

– खुशबू नयी दिल्ली: संघर्ष से भरी यह कहानी है 45 वर्षीय काके और 36 वर्षीय उनके भाई बिट्टू की जो नयी दिल्ली के जलविहार क्षेत्र में साथ रहते हैं। इनके घर में और कोई सदस्य नहीं है। माने या ना माने पर गुलामी प्रथा के वर्षों पहले उन्मूलन होनेContinue Reading

गुरु पूर्णिमा पर विशेष – प्रशांत सिन्हा  भारतीय संस्कृति में गुरु का पद सर्वोच्च माना गया है।शास्त्रों में गुरु को ब्रह्म, विष्णु एवं महेश के तुल्य कहा गया है। बल्कि कई लोगों ने इनसे भी अधिक महत्व दिया है। कबीर कहते हैं कि भगवान और गुरु दोनो साथ मिले तोContinue Reading

डॉ. राजेंद्र सिंह* अब भारत सरकार जनजातियों, जंगली जानवरों और जैव विविधता वाले घने जंगलों में निजी कंपनियों को कोल खनन की छूट दे रही है। ये घने जंगल वन्यजीवों और जैव विविधता से समृद्ध हैं। यही कई नदियां और उनके जल ग्रहण बनाते हैं। जंगलों में रहने वाले समुदायोंContinue Reading

Poet’s profile Sujit Mukherjee Sujit Mukherjee is an author, poet, photographer, culinary expert and an erudite scholar from India. He is M.tech in Chemical Engineering and MBA from XLRI (Jamshedpur ). He is also a well known business leader. He was awarded best poet of the year in India, twiceContinue Reading

रविवार पर विशेष रमेश चंद शर्मा* गाँव अपनी स्थाई व्यवस्था बनाकर सोचकर चलता, फसल पर ही साल भर की चीजें, आवश्यकतानुसार भर कर रख लेते। अन्न, बाजरा, जौ, चना, मक्का, जुवार, गेहूं, चावल, मुंग, उडद, मोठ, चोला, मीठा, तेल, नमक, मसाले आदि। मसालों में आमतौर पर मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा, मेथी,Continue Reading

– globalbihari bureau New Delhi: Relaxing the earlier condition that the bidder can use the coal only for a pre-specified captive use, the Ministry of Coal has identified 41 coal blocks (11 in MP, 9 each in Jharkhand, Chattisgarh and Odisha and 3 in Maharashtra) for auction. In other words,Continue Reading