ममता बनर्जी
– आलोक कुमार*नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बर्धमान लोकसभा क्षेत्र से सांसद कीर्ति झा आजाद ने ग्लोबल बिहारी से विशेष बातचीत में कहा कि इस साल के आखिर में होने वाले पड़ोसी राज्य बिहार विधानसभा चुनाव ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नहीं लड़ेगी क्योंकि उसके तत्काल बाद यानी 2026 मार्च अप्रैल में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव है। उन्होंने आरोप दोहराया कि स्वर्गीय अरुण जेटली पर कागज़ी सबूतों के साथ दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) में चार सौ करोड़ रूपये के घोटाले का आरोप लगाने की वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्टी से निकाल दिया।

पूर्व क्रिकेटर आजाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भागवत झा आजाद के पुत्र हैं और बिहार के दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के तीन बार के सांसद रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की बहुचर्चित गोल मार्केट विधानसभा क्षेत्र से 1993 में कांग्रेस पार्टी के विधायक थे। जब भाजपा से निकाले गए तो 2020 का लोकसभा चुनाव उन्होंने झारखंड के धनबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लड़ा था। 2024 के चुनाव के लिए ममता बनर्जी ने उन्हें सहारा दिया और वर्धमान लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ में आजाद ने कहा कि उन जैसी विदुषी और साहसी नेत्री शायद ही कभी पैदा होती है। उन्होंने कहा कि तृणमूल के कर्तव्य पारायण कार्यकर्ता के नाते वह तय करेंगे कि बंगाल में एक बार फिर से ममता को हटाने और परेशान करने की भाजपा की साजिश विफल होती रहे। और सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल की जनता को ईमानदार नेतृत्व मिलता रहे।
उन्होंने कहा कि जब से वह भाजपा में थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौर नहीं आया था। इसलिए मोदी नहीं कह सकते कीर्ति झा की जीत में उनका कोई योगदान था। बल्कि उन्हें इस बात का मलाल है कि उन्हें पार्टी से निकालने के बाद से उनके पुराने संसदीय क्षेत्र दरभंगा को योग्य सांसद नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी को कहा वह जली हुई रस्सी है जिसका बल नहीं गया है। राहुल गांधी ने वोट चोरी का मामला जब उठाया उससे पहले ही मैं 40 लाख वोटर्स के एपिक पर महाराष्ट्र की मतदाता सूची में नए नाम जोड़े जाने के मसले को उठाया जा चुका था।
उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वो मां को सम्मान देना नहीं जानते। सनातन का अपमान है भगवान राम के नाम से पहले मां सीता का नाम नहीं लिया जाना। जय श्री राम कहकर साजिशन सियाराम कहे जाने का अपमान किया जा रहा है।
*वरिष्ठ पत्रकार
