डॉ. राजेंद्र सिंह* अब भारत सरकार जनजातियों, जंगली जानवरों और जैव विविधता वाले घने जंगलों में निजी कंपनियों को कोल खनन की छूट दे रही है। ये घने जंगल वन्यजीवों और जैव विविधता से समृद्ध हैं। यही कई नदियां और उनके जल ग्रहण बनाते हैं। जंगलों में रहने वाले समुदायोंContinue Reading

– globalbihari bureau New Delhi: Relaxing the earlier condition that the bidder can use the coal only for a pre-specified captive use, the Ministry of Coal has identified 41 coal blocks (11 in MP, 9 each in Jharkhand, Chattisgarh and Odisha and 3 in Maharashtra) for auction. In other words,Continue Reading

By Alok Shukla*  Is the crisis of Coronavirus (Covid-19) being turned into an opportunity for mining companies? At least from the plans of the government for the coal mining sector, it would seem so. As the covid-19 (coronavirus) crisis deepened, Prime Minister Narendra Modi had urged that the crisis shouldContinue Reading

जनता की आवाज़ – प्रशांत सिन्हा*  सरकार ने घोषणा किया कि कोयला खनन का निजीकरण किया जाएगा। जिससे कोई भी देशी या विदेशी कम्पनी कोयला खनन का आवेदन कर सकती है तथा उस कोयले को खुले बाज़ार अपने लाभ के लिए भेज सकती है। अभी तक कोयला खनन का अधिकारContinue Reading

डॉ. राजेंद्र सिंह* भारत के कोयले में लूट – घने जंगलों को काटकर खनन करने के लिए सरकार ने निजी कम्पनियों को छूट दे दी है। जबकि जंगलों को उजाड़े बिना, देश की जरुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त कोयला भंडार भारत के पास मौजूद है। हमें समझ नही आContinue Reading

सप्ताहांत विशेष  -ज्ञानेन्द्र रावत*   प्रकृति की अनदेखी के चलते मानवता और धरती के बीच असंतुलन दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद धरती की बेहतरी के बाबत हमारा मौन दुखद है। विडम्बना यह कि कोई यह नहीं सोचता कि धरती केवल उपभोग की वस्तु नहीं है। वह मानव जीवन केContinue Reading

– globalbihari bureau Guwahati: A massive fire erupted at  a natural-gas producing well – Baghjan-5 – of Oil India Limited (OIL) at Baghjan in Tinsukia District on Tuesday afternoon. Eyewitness reports suggest the fire may spread to adjoining areas if not contained and the Dibru-Saikhowa national park is also underContinue Reading

– ग्लोबलबिहारी ब्यूरो पटना:  बिहार की नदियों के अध्ययन के लिए एक नयी पहल कल विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गयी है। इस अध्ययन के लिए पटना से पानी रे पानी अभियान के तहत एक नदी चेतना यात्रा की शुरुआत हुई जो २७ सितम्बर, नदी दिवस तक, बिहारContinue Reading